बुधवार, 11 अगस्त 2010

मेरा भारत महान !

हम आज भी खूब नारे लगते है की मेरा भारत महान ,पर किस सन्दर्भ मे ,उसकी महानता से या यहाँ के लोगो की हरक़तो से ! कल मैं बाज़ार जा रही थी ,की एक चोराहे पर ट्राफ्फिक की काफी भीड़ देखी ,यहाँ मे अक्सर ही ये भीड़ देखती हूँ ,पर कल तो गजब ही था ,यह एक छोटा सा चोराहा है,यहाँ लाल-बत्ती नहीं थी ,पर अब बन गयी है ,लकिन काफी समय हों गया ,अभी तक चालू नहीं हुई ।

काफी भीड़ थी यहाँ,जाम सा लग गया ,मुझे लगा शायद कुछ हों गया है (घटना), पर जब करीब जाकर देखा तो मैं हंस पड़ी एक विंग्यार्थ रूप में! की हम भारत वासी कब सुधरेंगे ...किसी मे भी धेर्य नहीं है,वैसे नियमो की बात करते है ,भाषण भी हर कोई अच्छा ही दे देता है , पर ये नियम हम खुद पर लागू करते है क्या ?

चारो तरफ से आती गाड़िया ,मानो रुकना ही न चाहती हों ,हर एक को जल्दी ,चाहे जान की बाज़ी ही क्यों न लगानीपूर्ण समन्वित पड़े । चारो तरफ से बढ रही गाड़िया ,एक -दुसरे से बेखबर ...... और नज़ारा क्या होता है ?.............

फिर थम गया ट्राफ्फिक ...खामोशी छा गयी ,कुछ देर के लिए ही नहीं बल्कि आधे-एक घंटे के लिए ...सोच कर देखिये ...आप भी हंस पडेंगे । बीच मे चारो तरफ से गाड़िया फँस गयी ,इधर-उधर ,यहाँ -वहां ,कोई कहीं अटक गयी ,तो कोई बीच मे रोकर बैठ गया और एक -दुसरे की तरफ भोली से सूरत बनाकर बैठे है की क्या करे ? कौन पीछे हटाये ,कौन रास्ता दे और आखिर-कार एक घंटा हों गया । मैं बाज़ार से वापास भी आ गयी तो देखा तीन ट्राफ्फिक पुलिस वाले आये ,और इस उलझी पहेली को सुलझाने लगे ।

हा हा हा ....मेरा भारत महान !

धन्यवाद
वंदना सिंह

15 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही बेहतरीन लेख है वंदना..... इसी तरह सार्थक लेख लिखती रहो, यही कामना है और यही शुभकामना भी है. :-)

    उत्तर देंहटाएं
  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. आपका लेख पढ़कर बहुत ख़ुशी हुई.

    उत्तर देंहटाएं
  4. क्या आप "हमारीवाणी" के सदस्य हैं? हिंदी ब्लॉग संकलक "हमारीवाणी" में अपना ब्लॉग जोड़ने के लिए सदस्य होना आवश्यक है, सदस्यता ग्रहण करने के उपरान्त आप अपने ब्लॉग का पता (URL) "अपना ब्लाग सुझाये" पर चटका (click) लगा कर हमें भेज सकते हैं.

    सदस्यता ग्रहण करने के लिए यहाँ चटका (click) लगाएं.

    उत्तर देंहटाएं
  5. समसामयिक तथा रुचिकर आलेख लेकिन "हा हा" क्यूँ ?

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत अच्छा लेख है ...ये सच है हम सब नियोमोकी बात करते है पर जब जैसा मौका मिलता है हम ही उसे मरोड़ते है !

    उत्तर देंहटाएं
  7. shukriya, shah nawaaz ji,
    zoft.in ,and patali-the village...dhanyawaad...

    rakesh ji...shukria,(ha ha ek vyang roop mai)...taaki log jab traffic signal par ho toh yaad rakhe...

    उत्तर देंहटाएं
  8. कुछ अच्छा पढने को मिला जिसे पढ़ कर मन को सुकून मिला.

    उत्तर देंहटाएं
  9. ब्‍लागजगत पर आपका स्‍वागत है ।

    किसी भी तरह की तकनीकिक जानकारी के लिये अंतरजाल ब्‍लाग के स्‍वामी अंकुर जी, हिन्‍दी टेक ब्‍लाग के मालिक नवीन जी और ई गुरू राजीव जी से संपर्क करें ।

    ब्‍लाग जगत पर संस्‍कृत की कक्ष्‍या चल रही है ।

    आप भी सादर आमंत्रित हैं,
    http://sanskrit-jeevan.blogspot.com/ पर आकर हमारा मार्गदर्शन करें व अपने सुझाव दें, और अगर हमारा प्रयास पसंद आये तो हमारे फालोअर बनकर संस्‍कृत के प्रसार में अपना योगदान दें ।
    धन्‍यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  10. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

    उत्तर देंहटाएं
  11. इस नए सुंदर चिट्ठे के साथ आपका ब्‍लॉग जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं